Friday, March 6, 2026
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अस्पताल की लापरवाही से गई युवक की जान? परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल, CMO से की शिकायत

हादसे में घायल युवक को न मिला समय पर इलाज, न डॉक्टर मिले, न एंबुलेंस; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

ग्रेटर नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) | ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र में इलाज में लापरवाही के चलते एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने कोट गांव स्थित एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इस पूरे मामले की शिकायत जिला मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) से की है।

घटना के बाद युवक के भाई द्वारा बनाए गए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जिसमें अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं का खुलासा किया गया है।

हादसे से अस्पताल तक: क्या हुआ था उस शाम?

गुरुवार शाम भोगपुर गांव निवासी पंकज (25) हाईवे पर अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे कोट गांव के निजी अस्पताल पहुंचाया।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचते ही उन्हें बताया गया कि मरीज को हायर सेंटर रेफर किया जाएगा, लेकिन न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही आपातकालीन इलाज शुरू किया गया। जब रेफर करने की बात आई तो पता चला कि अस्पताल में एंबुलेंस तक नहीं है

‘इलाज होता तो भाई बच जाता’ – परिजनों का दर्द

पंकज के भाई का आरोप है कि जब वो अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई भी चिकित्सकीय सहायता तुरंत उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने बताया,

भाई को हमने अपनी आंखों के सामने तड़पते देखा। अगर समय पर इलाज मिला होता, तो शायद आज वो हमारे साथ होता।

उन्होंने मौके पर ही एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर किया गया है। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि अस्पताल में न डॉक्टर हैं, न इलाज की सुविधा और न एंबुलेंस।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा गया और अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।

CMO को दी शिकायत, कार्रवाई की मांग

मृतक के परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत CMO कार्यालय में दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल “लापरवाही” नहीं बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों की लाइसेंसिंग और निरीक्षण प्रणाली की जांच की मांग की है।

परिजनों ने ये भी अपील की है कि इस मामले में सामाजिक व कानूनी दोनों स्तरों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।

प्रशासन की चुप्पी, लेकिन सवाल बरकरार

घटना के 48 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। न ही संबंधित अस्पताल की ओर से कोई बयान जारी किया गया है।
लेकिन सवाल यही है –

  • जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, तो मरीज को क्यों भर्ती किया गया?
  • बिना एंबुलेंस के गंभीर मरीज को कैसे रेफर किया जा सकता है?
  • और सबसे जरूरी – किसकी जवाबदेही तय की जाएगी?

मुख्य बिंदु संक्षेप में:

बिंदुविवरण
मृतकपंकज (25), भोगपुर गांव निवासी
दुर्घटनाअज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
अस्पतालकोट गांव का निजी अस्पताल
आरोपइलाज में लापरवाही, डॉक्टर व एंबुलेंस नहीं
कार्रवाईपरिजनों ने CMO से की शिकायत
वायरल वीडियोअस्पताल की लचर व्यवस्था का खुलासा

समाज का सवाल: क्या प्राइवेट अस्पतालों की जवाबदेही तय होगी?

ग्रेटर नोएडा जैसे शहरी और विकसित क्षेत्र में अगर आपात स्थिति में अस्पताल मरीज की जान नहीं बचा सके, तो यह केवल एक मौत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है

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