लखनऊ : लखनऊ में बीते एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश ने गोमती नदी के जलस्तर को बढ़ा दिया है। गऊघाट और गोमती बैराज पर पानी तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। खतरे की आहट को भांपते हुए प्रशासन ने गोमती बैराज के 9 में से 6 गेट खोल दिए हैं। पानी की रफ्तार तेज है और निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
गोमती नदी का सामान्य जलस्तर 105.70 मीटर के आसपास रहता है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते यह रविवार को बढ़कर 106.76 मीटर तक पहुंच गया। यानी बारिश से 1 मीटर की बढ़त दर्ज की गई है। गोमती बैराज और गऊघाट पर बहाव तेज हो चुका है। चेतावनी स्तर 109.06 मीटर है, और मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए जलस्तर अगले 48 घंटों में और ऊपर जा सकता है।

गोमती नदी के गऊघाट पर पानी का तेज बहाव
पानी की निकासी तेज करने के लिए गेट खोले
गोमती बैराज पर 9 गेट हैं। आम दिनों में एक या दो गेट ही खुले रहते हैं। लेकिन लगातार हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ गया है। इसके बाद सिंचाई विभाग के अफसर ने पहले 3 फिर 4 और 6 गेट खोलकर पानी को नीचे की ओर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन लगातार बारिश के कारण सीतापुर, हरदोई और बाराबंकी जैसे अपस्ट्रीम जिलों से भी पानी गोमती में आ रहा है, जिससे बैराज पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
सिटी के निचले इलाके खतरे में
नगर निगम और जलकल विभाग ने शहर के उन इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है जो हर साल गोमती के उफान में डूब जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बख्शी का तालाब और इटौंजा के आसपास के गांव में देखने को मिलता है। इसे लेकर के जिला अधिकारी ने भी कई इलाकों का निरीक्षण कर अफसरों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
निगरानी के लिए लगाई गई विभागों की टीमें
सिंचाई विभाग के शारदा सहायक खंड के अधिशासी अभियंता मुकेश वैश्य ने बताया कि अभी गोमती बैराज के छह गेट खोले गए हैं। गऊघाट और गोमती बैराज पर 1 मीटर पानी का लेवल बढ़ा है। हालांकि यह भी खतरे के निशान से 3 मीटर नीचे है। बड़े लेवल को देखते हुए अगर जरूरत पड़ी तो बैराज के सभी गेट खोल दिए जाएंगे।



