गौतमबुद्धनगर में एक दिन में 8.62 लाख मामलों का निस्तारण, ₹39.29 करोड़ की समझौता राशि
गौतमबुद्धनगर : गौतमबुद्धनगर जनपद में 13 सितंबर 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय और समझौते का अद्भुत संगम देखने को मिला। एक ही दिन में जिले में 862,695 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें कुल ₹39.29 करोड़ की समझौता धनराशि तय हुई। यह जिले के न्यायिक इतिहास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
दीप प्रज्वलन से हुआ विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया, जिसमें माननीय न्यायमूर्ति अजीत कुमार (प्रशासनिक न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय), जिला जज मलखान सिंह तथा सभी न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
न्यायालयों द्वारा कुल 2.96 लाख वादों का निस्तारण
न्यायिक स्तर पर विभिन्न अदालतों में 296,011 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें सिविल, फौजदारी, परिवार, मोटर दुर्घटना, भूमि अर्जन, उपभोक्ता मामले आदि शामिल थे।
मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट – 1,22,436 वाद | जुर्माना राशि: ₹1.83 करोड़
- मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण – 45 वाद | समझौता राशि: ₹4.07 करोड़
- वाणिज्य न्यायालय द्वितीय – 16 वाद | समझौता राशि: ₹2.04 करोड़
- वर्चुअल कोर्ट चालान – 1,48,426 मामले | जुर्माना: ₹42.46 लाख
- परिवार न्यायालय – 60+ वाद
- एनआई एक्ट न्यायालय – 128 वाद | समझौता राशि: ₹3.25 करोड़
- अन्य न्यायालयों द्वारा भी सैकड़ों मामलों का सफल निस्तारण
प्री-लिटिगेशन स्तर पर रिकॉर्ड 5.66 लाख मामले निपटाए गए
प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बेहतरीन काम हुआ, जिनमें कुल 566,684 मामलों का समाधान निकाला गया:
- पुलिस विभाग – 28,025 मामले
- चिकित्सा विभाग – 36,649 मामले
- यातायात विभाग – 4,01,203 चालान
- नोएडा अथॉरिटी – 3,691 मामले
- यमुना प्राधिकरण – 14 मामले
- UPPCL – 3,275 मामले
- राजस्व विभाग (SDM, तहसील) – 92,297 मामले
- BSNL – 183 मामले
- बैंक – 329 मामले
- NPCIL – 106 मामले
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का योगदान
अपर जिला जज व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि यह आंकड़े जिले की कानूनी व्यवस्था में जनता की भागीदारी और न्याय प्रणाली पर विश्वास को दर्शाते हैं।
कुल समझौता धनराशि: ₹39.29 करोड़
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से न केवल मुकदमों का त्वरित समाधान हुआ, बल्कि आर्थिक मामलों में भी ₹39,29,42,302 की भारी-भरकम समझौता धनराशि पर सहमति बनी।
लोक अदालत: न्याय का सहज और सुलभ माध्यम
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश श्री मलखान सिंह ने कहा:
“राष्ट्रीय लोक अदालत न केवल न्याय प्रदान करती है, बल्कि समाज में आपसी सुलह-सफाई और सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देती है।”
राष्ट्रीय लोक अदालत – एक झलक में
| श्रेणी | निस्तारित मामले | समझौता/जुर्माना राशि |
|---|---|---|
| न्यायालय स्तर | 2,96,011 | ₹39.29 करोड़ |
| प्री-लिटिगेशन स्तर | 5,66,684 | – |
| कुल | 8,62,695 | ₹39.29 करोड़ |



