अंबाला एयरबेस पर 40 मिनट की रोमांचक फ्लाइट; वायुसेना की आधुनिक क्षमताओं का हुआ अवलोकन
अंबाला : अंबाला एयरफोर्स स्टेशन बुधवार को इतिहास का साक्षी बना जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी। सुबह 11:10 बजे टेक ऑफ करने के बाद राफेल 11:50 बजे सुरक्षित रूप से लैंड हुआ। राष्ट्रपति ने फ्लाइट सूट में विमान में बैठकर हाथ हिलाकर अभिवादन किया। विमान को ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया, जबकि एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह पीछे से एस्कॉर्ट करते रहे।
राष्ट्रपति मुर्मू भारत की पहली राष्ट्रपति हैं जिन्होंने दो अलग-अलग फाइटर विमानों में उड़ान भरी। इससे पहले, 7 अप्रैल 2023 को उन्होंने असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई 30 MKI में उड़ान भरी थी। सुखोई उड़ान लगभग 30 मिनट की थी, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी और तेजपुर वैली का मनोरम दृश्य देखा गया।
राष्ट्रपति बुधवार सुबह विशेष विमान से अंबाला एयरबेस पहुँची। एयरफोर्स स्टेशन पर उनका स्वागत एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने किया। राष्ट्रपति ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया, जवानों से मुलाकात की और एयरफोर्स की यूनिट्स का अवलोकन किया। सुरक्षा कारणों से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी थी और मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
भारत ने राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से खरीदे हैं। पहली खेप 27 जुलाई 2020 को अंबाला एयरबेस पहुँची, और इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन, “गोल्डन एरोज”, में शामिल किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पहले राफेल में उड़ान भर चुके हैं।
इस ऐतिहासिक उड़ान ने न केवल राष्ट्रपति के साहस और वायुसेना की दक्षता को प्रदर्शित किया, बल्कि देशवासियों में गर्व और उत्साह भी बढ़ाया।



