
भारत दौरे पर दिखा भावनात्मक जुड़ाव, बोले – “भारत और मॉरीशस सिर्फ साझेदार नहीं, आध्यात्मिक परिवार हैं”
वाराणसी / अयोध्या : भारत और मॉरीशस के रिश्तों को और गहराई मिली जब मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने अपनी पत्नी के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और काशी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में विधिपूर्वक पूजा की।
पूरे दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके साथ मौजूद रहे और पारंपरिक भारतीय संस्कृति से स्वागत किया गया।

अयोध्या में रामलला के दर्शन, योगी ने किया स्वागत
- शुक्रवार दोपहर, पीएम रामगुलाम अयोध्या एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुके देकर उनका स्वागत किया।
- इसके बाद प्रधानमंत्री अपनी पत्नी और डेलीगेशन के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे।
- उन्होंने 25 मिनट तक रामलला के दर्शन-पूजन किए और राम जन्मभूमि परिसर का भ्रमण किया।
- इस दौरान वह पूरी तरह आस्था और श्रद्धा में डूबे नजर आए।
- कुल मिलाकर वे करीब 45 मिनट अयोध्या में रहे और फिर देहरादून के लिए रवाना हो गए।
काशी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में आधे घंटे तक रहे नतमस्तक
- इससे पहले शुक्रवार सुबह करीब 9:45 बजे, प्रधानमंत्री रामगुलाम ने काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया।
- उन्होंने पारंपरिक षोडशोपचार विधि से बाबा का अभिषेक किया।
- बाबा विश्वनाथ के सामने उन्होंने आंखें बंद कर ध्यान किया और करीब 30 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे।
- मंदिर प्रशासन द्वारा उन्हें धाम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी दी गई।
गंगा आरती में हुए भावुक, पत्नी संग ली यादगार सेल्फी
- गुरुवार शाम प्रधानमंत्री रामगुलाम ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भाग लिया।
- घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने तालियों से उनका स्वागत किया।
- उन्होंने गंगा को पुष्प अर्पित किए और आरती के दौरान ध्यानमग्न हो गए।
- इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के साथ घाट पर सेल्फी ली, जो अब सोशल मीडिया पर छा चुकी है।
पीएम मोदी से भेंट: रिश्तों में दिखा अपनापन
गुरुवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।
पीएम मोदी ने कहा:
“भारत और मॉरीशस साझेदार नहीं, एक परिवार हैं। यह सिर्फ एक कूटनीतिक रिश्ता नहीं, एक आध्यात्मिक बंधन है।”
वहीं पीएम रामगुलाम ने भी भावनात्मक शब्दों में प्रतिक्रिया दी:
“काशी में जो स्वागत हमें मिला, वह अविश्वसनीय है। शायद ही किसी प्रधानमंत्री को ऐसा स्वागत मिला हो। अब मैं समझ सकता हूं कि पीएम मोदी इतनी बड़ी जीत क्यों दर्ज करते हैं।”



