Friday, March 6, 2026
spot_img
Homeबिहारमहागठबंधन से अलग होंगे मुकेश सहनी?

महागठबंधन से अलग होंगे मुकेश सहनी?

सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज, VIP नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव

पटना: बिहार की सियासत में महागठबंधन और वीआईपी के बीच सीट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान अब अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। मुकेश सहनी, जो वीआईपी के प्रमुख नेता हैं, 8 सीटों पर अड़े हुए हैं, लेकिन महागठबंधन के अन्य दलों के बीच इस सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। इस कारण सहनी ने कई बार अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय भी बदला, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

वीआईपी के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार ने साफ कहा है कि अभी मामले में बातचीत चल रही है और आशा है कि जल्द ही महागठबंधन के अंदर सब ठीक हो जाएगा। हालांकि सहनी की तरफ से लगातार अनदेखी के संकेत मिलने के कारण गठबंधन में अनिश्चितता बनी हुई है।

सहनी को मनाने में जुटे महागठबंधन के नेता

दिल्ली से राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मुकेश सहनी को मनाने की कोशिशों में जुटे हैं। माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने सहनी से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया है ताकि गठबंधन टूटने से बच सके। इसी वजह से सहनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय भी बार-बार बदला गया है।

इधर, RJD के वरिष्ठ नेता भी पटना आकर महागठबंधन में चल रही खींचतान को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। सहनी को मनाने के लिए गठबंधन के भीतर ही एक रास्ता निकालने की कवायद चल रही है।

पटना में कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट

हाल ही में पटना के होटल मौर्या में सहनी के समर्थकों के बीच मारपीट की घटना हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। यह घटना राजनीतिक तनाव की गहराई को दिखाती है और यह साफ संकेत है कि विवाद अब कार्यकर्ताओं तक पहुँच चुका है।

सोशल मीडिया से हटाईं महागठबंधन की तस्वीरें

मुकेश सहनी ने सोशल मीडिया पर महागठबंधन के नेताओं की तस्वीरें हटा दी हैं और कई विवादित पोस्ट भी डाले हैं। इससे यह साफ हो गया है कि वे गठबंधन से असंतुष्ट हैं।

रविवार को सहनी ने एक पोस्ट में लिखा था, ‘14 नवंबर को महागठबंधन सरकार आ रही है,’ लेकिन कुछ दिन बाद ही उन्होंने ऐसा कोई जिक्र नहीं किया। तेजस्वी यादव ने सहनी को दो टूक कहा है कि यदि वे महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहते हैं तो गठबंधन की शर्तें माननी होंगी।

तेजस्वी-आईपी गुप्ता मुलाकात से उठे सवाल

सहनी के फेसबुक पोस्ट के बाद RJD के तेजस्वी यादव ने इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के मुखिया आईपी गुप्ता से मुलाकात की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके मायने राजनीतिक विश्लेषकों ने अलग-अलग निकाले हैं। कुछ इसे सहनी को चेतावनी माना जा रहा है, तो कुछ का मानना है कि यह गठबंधन में एक नया चेहरा आगे बढ़ाने की तैयारी हो सकती है।

महागठबंधन के लिए खतरा, NDA को फायदा?

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि मुकेश सहनी महागठबंधन से अलग हो जाते हैं तो यह गठबंधन के लिए बड़ा झटका होगा। इसका फायदा एनडीए को मिलेगा, खासकर क्योंकि EBC यानी अति पिछड़ा वर्ग वोट बैंक में सहनी का प्रभाव काफी मजबूत है।

NDA के लिए यह वर्ग खासा महत्वपूर्ण है, और सहनी के साथ जुड़ने से NDA का वोट बैंक और मजबूत हो सकता है, खासकर मिथिलांचल और कोसी जैसे इलाकों में जो भाजपा के गढ़ माने जाते हैं।

वहीं, RJD अध्यक्ष तेजस्वी यादव के लिए यह एक बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि वे पिछले कुछ वर्षों से EBC वोटरों को अपनी ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में सहनी ने महागठबंधन के साथ मिलकर तेजस्वी की रणनीति का समर्थन किया था। अगर सहनी साथ छोड़ते हैं तो तेजस्वी के लिए यह बड़ा झटका होगा।

मुकेश सहनी का राजनीतिक सफर

मुकेश सहनी ने राजनीतिक सफर में कई बार मोड़ देखे हैं। 2014 में उन्होंने BJP के समर्थन में प्रचार किया, 2019 में महागठबंधन के साथ रहे, फिर 2020 में वापस NDA में लौट आए। 2024 के लोकसभा चुनाव में फिर से महागठबंधन के साथ थे, लेकिन अब स्थिति एक बार फिर अनिश्चित हो गई है।

क्या होगा आगे?

मुकेश सहनी की शाम 6 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस इस पूरे विवाद का क्लाइमेक्स हो सकती है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उनके इस फैसले से बिहार की सियासत पर बड़ा असर पड़ेगा। महागठबंधन की मजबूती या टूट, NDA की ताकत बढ़ने का संकेत इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ होगा।

यह मुकाबला बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक होगा और आने वाले चुनावों की दिशा तय करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments