बेगूसराय : बेगूसराय के सूजा गांव में PM नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन के नाम पर मंदिर बनाया जा रहा है। इस मंदिर में ‘कामा माई’ की मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिसका नाम ‘हीरा बेन मंदिर’ के नाम से जाना जाएगा।
मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जल्द ही विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। गांव के लोग चाहते हैं कि इस मंदिर का उद्घाटन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान करें, लेकिन अब तक उद्घाटन की तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
हीरा बेन मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी बेगूसराय सदर प्रखंड के सूजा गांव के लोगों ने ली है। गांव के लोगों ने ही चंदा इकट्ठा किया और गांव में बने दो मंजिला सामुदायिक भवन के ऊपर हीरा बेन मंदिर का निर्माण करा दिया।
दरअसल, सूजा गांव में मुसहर समाज के लोगों की संख्या ज्यादा है। मुसहर समाज के लोग मां ‘कामा माई’ की पूजा करते हैं।
गांव के लोगों का कहना है, ‘गांव में मां ‘कामा माई’ का कोई मंदिर नहीं है। मंदिर के लिए जमीन भी नहीं मिल रही थी। इसलिए गांव में ही बने दो मंजिला सामुदायिक भवन के ऊपर ‘कामा माई’ का मंदिर बनाने के निर्णय लिया गया।
अब जानिए, पीएम मोदी की मां के नाम पर क्यों रखा गया मंदिर का नाम
गांव के लोग बताते हैं, ‘बिहार के दरभंगा में ही अगस्त के आखिरी सप्ताह में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की रैली में PM मोदी की मां के लिए अपशब्द कहे गए थे। बिहार की पूरे देश में बदनामी हुई थी।’
‘इसे लेकर लोगों ने बिहार बंद भी किया था। चूंकि हम लोग भी बिहार के रहने वाले हैं, इसलिए हम लोगों ने इस मामले में प्रायश्चित करने के लिए गांव में बने ‘कामा माई’ के मंदिर का नाम PM मोदी की मां हीरा बेन के नाम पर रखने का फैसला किया।’
सूजा गांव के रहने वाले रवि ने बताया कि, ‘गांव में सामुदायिक भवन के ऊपर मां कामा देवी का मंदिर बनाया गया है। माता के लिए मंदिर बहुत जरूरी था। गांव को गोद लेने वाले सांसद को जब हम लोगों ने ये बात बताई तो उन्होंने सामुदायिक भवन के ऊपर ही कामा देवी की मंदिर बनाने की बात कही।’
रवि ने बताया, ‘पिछले हफ्ते दरभंगा में जो कुछ हुआ, उससे हम लोग अपमानित महसूस कर रहे थे। एक महीने के बाद मंदिर का उद्घाटन कराना है। इसी बीच पूर्व सांसद राकेश सिन्हा ने मंदिर का नाम PM मोदी की मां हीराबेन के नाम पर रखने का सुझाव दिया, जिसे हम लोगों ने तत्काल मान लिया। अब मंदिर मां हीराबेन के नाम से जाना जाएगा। इससे देश में जीतने भी मां हैं, उन्हें इससे सम्मान मिला है।’
सामुदायिक भवन में एक साथ 200 लोगों के ठहरने की व्यवस्था
मंदिर निर्माण से जुड़े मंटून कुमार मिश्र ने बताया, ‘मुसहर समाज के साथ-साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से की गई आर्थिक मदद से गांव में 2023 से सामुदायिक भवन का निर्माण शुरू किया गया था, जो 16 लाख रुपए की मदद से बनकर तैयार हो चुका है।’
उन्होंने बताया, ‘सामुदायिक भवन के निर्माण के बाद छत पर ही कामा माई का मंदिर बनाया गया है, जिसके निर्माण में 24 लाख रुपए का खर्च आया है। सामुदायिक भवन में दो बड़े कमरे बनाए गए हैं। हर कमरे का साइज इतना बड़ा है कि इसमें एक साथ 200 लोग ठहर सकते हैं।’
मंटून कुमार मिश्र ने कहा, ‘सामुदायिक भवन बनाने का मकसद है कि स्थानीय महादलित समुदाय के लोग अपनी बेटियों और बेटों की शादी यहां धूमधाम से करा सकें। इसके अलावा, किसी बड़े आयोजन में लोगों के ठहरने की भी व्यवस्था सामुदायिक भवन में की गई है।’
अब जानिए, मुसहर समाज की आराध्य कामा माई कौन हैं?
‘कामा माई’ महादलित समुदाय की पूजनीय और शबरी माता की प्रतीक हैं। स्थानीय वाल्मीकि सदा कहते हैं कि हमारे समाज में किसी के घर में मुंडन और शादी समेत कोई भी शुभ काम होता है तो उसकी शुरुआत कामा माई की पूजा से होती है।
हम लोग गांव में रोज उनकी पूजा करते हैं। हमारे गांव में सैकड़ों वर्ष से पिंडी के रूप में उनकी पूजा होती थी। बाप-दादा जैसे पूजा करते आ रहे थे, उसी तरीके से हम लोग पूजा करते आ रहे हैं।
कामा माय कहां से आई, उनका अवतरण कैसे हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन हमारे पूर्वज कहते थे कि यह सबरी माता की प्रतीक हैं।
मंदिर निर्माण से जुड़े और गांव के ही रहने वाले मंटून मिश्र बताते है कि राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने अगस्त 2023 में हमारे सूजा गांव को आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया था।
उन्होंने गांव की स्थिति देखी। उनके सहयोग से सामुदायिक भवन और कामा माय का मंदिर लगभग बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के नाम पर शनिवार को सामुदायिक भवन और मंदिर का नामकरण किया गया है। हमारे गांव के लोग काफी खुश हैं।
क्या कहते हैं पूर्व सांसद राकेश सिन्हा?
पूर्व राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता जी को गाली दी गई है, ये गाली भारत की सभी माताओं को दी गई है। भारतीय समाज में मां और बहन को गाली देने की जो प्रवृत्ति है, वो गलत है। राजनीति को उस स्तर तक ले जाने की जो अनैतिक कोशिश है, उसका जवाब इस भवन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन के नाम समर्पित करके दिया गया है। ये महादलित बस्ती है, जहां सामान्य सुविधाओं की कमी है। गांव के सभी महादलितों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और सभी में खुशी है।समाज के सहयोग से बने इस भवन के निर्माण में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. संजय कुमार और स्थानीय समिति के नेता सुनील कुमार समेत अनेक लोगों ने योगदान दिया।
IMA के डॉक्टर संजय कुमार बोले- नामकरण से पूरे देश की महिलाएं प्रेरित होंगी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. संजय कुमार ने कहा कि बिहार में प्रधानमंत्री की मां के नाम पर गाली दी गई थी और अब बिहार के ही हमारे बेगूसराय में बने इस सामुदायिक भवन सहित मंदिर का नामकरण देश के लिए एक मिसाल है। दूसरे के घर में काम करने वाली मां प्रधानमंत्री को जन्म दे सकती है तो देश की हर मां के लिए प्रेरणादायक है। नामकरण करने का संदेश है कि सभी मां को यह आत्मविश्वास और गौरव होगा कि गरीब से गरीब लोगों के घर में भी प्रधानमंत्री पैदा हो सकता है तो दूसरे के घर में भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, एसपी, कलेक्टर पैदा हो सकती है। इस नामकरण से पूरे देश की महिलाएं प्रेरित होगी।



