ग्रेटर नोएडा : डीपीएस स्कूल में 2018 में हुई मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले में बुधवार को जिला न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी स्विमिंग पूल लाइफगार्ड चंडीदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
जुर्माना न भरने पर दोषी को 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए कलंक हैं और दोषियों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जानी चाहिए।
12 जुलाई 2018 की है घटना
मामला 12 जुलाई 2018 का है। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, उस दिन डीपीएस ग्रेटर नोएडा के स्विमिंग पूल के पास एक साढ़े तीन साल की बच्ची मौजूद थी। लाइफगार्ड चंडीदास ने बच्ची को बहाने से दीवार के पास बुलाया और वहां उसके साथ डिजिटल रेप किया।
इस घटना से बच्ची सहम गई और रोने लगी। बाद में जब परिवार को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
स्कूल की लापरवाही पर भी सख्त टिप्पणी
जिला न्यायालय ने अपने फैसले में सिर्फ आरोपी को ही नहीं, बल्कि डीपीएस स्कूल प्रबंधन को भी घोर लापरवाही का दोषी माना। कोर्ट ने कहा कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रबंधन की होती है, लेकिन इस मामले में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे।
सबसे गंभीर बात यह रही कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने दो दिन तक मामले को दबाने की कोशिश की। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता चवनपाल सिंह के मुताबिक, स्कूल ने न केवल घटना की सूचना समय पर पुलिस को नहीं दी, बल्कि पीड़िता के माता-पिता पर दबाव डालकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया।
स्कूल पर 10 लाख का जुर्माना
अदालत ने डीपीएस स्कूल पर एक महीने के भीतर 10 लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह राशि पीड़िता के परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी, ताकि बच्ची के बेहतर इलाज और परामर्श (काउंसलिंग) का खर्च पूरा हो सके।
परिवार ने फैसले का स्वागत किया
पीड़िता के माता-पिता ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस सख्त सजा से ऐसे अपराधियों को सबक मिलेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त गाइडलाइन लागू की जाए और उनका पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई हो।



