तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार; दोस्त की भूमिका संदिग्ध, पुलिस हिरासत में
जंगल में ले जाकर दरिंदगी, धमकी देकर मांगी फिरौती; पीड़िता अस्पताल में भर्ती
दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल | राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज की सेकंड ईयर की MBBS छात्रा से गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी भी फरार हैं। मामले में पीड़िता के साथ मौजूद उसका एक दोस्त भी हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है।
घटना का पूरा विवरण
10 अक्टूबर की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच यह घटना तब हुई जब पीड़िता अपने एक पुरुष मित्र के साथ डिनर के लिए निकली थी। मेडिकल कॉलेज कैंपस के बाहर तीन युवक खड़े थे, जिन्होंने छात्रा का मोबाइल छीना और जबरन उसे पास के जंगल में ले जाकर गैंगरेप किया।
पीड़िता के अनुसार, उसका दोस्त मौके से भाग गया और बाद में पुलिस को सूचना दी। वारदात के बाद आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो अंजाम बुरा होगा। मोबाइल लौटाने के नाम पर पैसे भी मांगे गए।
पीड़िता अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
ओडिशा की रहने वाली पीड़िता फिलहाल एक निजी अस्पताल में भर्ती है। डिप्टी मजिस्ट्रेट और एसडीओ रंजना रॉय ने अस्पताल जाकर पीड़िता से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि छात्रा की हालत स्थिर है और उसकी मां उसके साथ मौजूद हैं।
पुलिस जांच में तेजी, CCTV फुटेज खंगाली जा रही
दुर्गापुर न्यू टाउनशिप थाने में पीड़िता के माता-पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा कर्मचारियों और अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।
माता-पिता का आरोप: दोस्त भी शामिल हो सकता है
पीड़िता के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि छात्रा का दोस्त और उसके जानने वाले भी घटना में शामिल हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की एक टीम आज दुर्गापुर पहुंच रही है। वहीं भाजपा ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल को अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह बना दिया है।”
11 अक्टूबर को पश्चिम बर्धमान जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “पश्चिम बंगाल में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है – न 6 महीने की बच्ची, न 80 साल की बुजुर्ग और न ही 23 साल की मेडिकल छात्रा।”
पिछले साल की घटना की पुनरावृत्ति
यह घटना 2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की याद दिला रही है, जब अगस्त में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का रेप कर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा जनवरी 2025 में सुनाई गई थी। अब एक साल के भीतर यह दूसरा बड़ा मामला है, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।



