गौतम बुद्ध नगर | दीपावली पर्व से पहले मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गौतम बुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 550 किलोग्राम मिलावटी और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पनीर जब्त कर उसे विनष्ट किया।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी मेधा रूपम के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष खाद्य निगरानी अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य त्योहारों के मौसम में जनपदवासियों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
हरियाणा के प्लांट से आ रही थी मिलावटी खेप
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी दी कि कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम — मुकेश कुमार, विजय बहादुर पटेल और रविंद्र नाथ वर्मा — ने बीती रात एक वाहन (HR07B 3222) को रोका, जिसमें हरियाणा के हथीन (मेवात) स्थित जंगी मिल्क प्लांट से आ रहा लगभग 550 किलो पनीर लदा हुआ था।
पनीर को दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति के लिए भेजा जा रहा था। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया पनीर में गंभीर गुणवत्ता दोष पाए गए, जिसके आधार पर इसे मानव उपभोग हेतु अनुपयुक्त माना गया।
प्रयोगशाला जांच के लिए नमूना लिया गया, शेष नष्ट
खाद्य अधिकारियों ने पनीर का नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए संग्रहित किया, जबकि शेष पनीर को भंगेल स्थित न्यू गढ़वाल डेयरी (नोएडा) में सुरक्षित रखा गया।
इसके बाद नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से उसे नियमानुसार नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पूरा किया गया।
दीपावली तक लगातार चलेगा मिलावट विरोधी अभियान
सहायक आयुक्त ने बताया कि
“जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।“
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरियों, मिठाई दुकानों और सप्लाई चेन में शामिल इकाइयों पर छापेमारी और सैंपलिंग लगातार जारी रहेगी।
एक नजर में — कार्रवाई के मुख्य बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| जब्त पनीर | लगभग 550 किलोग्राम |
| वाहन संख्या | HR07B 3222 |
| प्लांट | जंगी मिल्क प्लांट, हथीन, मेवात (हरियाणा) |
| जांच स्थिति | नमूना प्रयोगशाला भेजा गया |
| नष्ट स्थान | न्यू गढ़वाल डेयरी, भंगेल, नोएडा |
| अधिकारी | मुकेश कुमार, विजय बहादुर पटेल, रविंद्र नाथ वर्मा |
| सहयोग | नोएडा प्राधिकरण |
| अभियान नेतृत्व | जिलाधिकारी मेधा रूपम |
त्योहारों से पहले मिलावटखोरी पर यह कार्रवाई प्रशासन की सतर्कता, दृढ़ इच्छाशक्ति और उपभोक्ता सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है।



