मुंबई/छत्रपति संभाजीनगर | महाराष्ट्र में भारी बारिश से तबाह हुई खरीफ फसलों के चलते चिंतित किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि दशहरा (2 अक्टूबर) से पहले वित्तीय सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दी जाएगी।
पवार ने कहा, “सरकार किसानों के साथ खड़ी है। हम हर ज़िले के नुकसान का त्वरित सर्वे करवा रहे हैं ताकि एक भी किसान मुआवज़े से वंचित न रह जाए।”
30 जिलों में फसलों का भारी नुकसान
राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- 30 जिलों की 195 तालुकाओं के 654 राजस्व क्षेत्रों में करीब 19.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं।
- सबसे अधिक प्रभावित ज़िले:
- नांदेड़ – 7.28 लाख हेक्टेयर
- यवतमाल, वाशिम, धाराशिव, अकोला, सोलापुर, बुलढाणा
किन फसलों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ?
- मुख्य फसलें: सोयाबीन, मक्का, कपास
- दालें: अरहर, उड़द, मूंग
- अनाज और अन्य: बाजरा, ज्वार, गन्ना, हल्दी
- सब्ज़ियां और फल: प्याज, हरी सब्ज़ियां, मौसमी फल
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के अनुसार, अगस्त और सितंबर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई, जिससे 17.85 लाख हेक्टेयर फसल भूमि बर्बाद हो गई। कई ज़िलों में पंचनामा (भू-सर्वे) का कार्य पूरा कर मुआवज़ा वितरण भी शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन को निर्देश: सर्वे में कोई देरी नहीं
अजित पवार ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड और नांदेड़ जैसे क्षेत्रों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे खेतों की हालत खराब बनी हुई है। उन्होंने बताया कि:
- जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजें।
- संरक्षक मंत्री स्वयं सर्वेक्षण की निगरानी करेंगे।
“हमारा लक्ष्य है कि हर योग्य किसान को राहत समय पर मिले। प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी को दौड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।” – अजित पवार
राजनीतिक घटनाक्रम: शिवसेना के पूर्व विधायक राकांपा में शामिल
इस अवसर पर शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शिवाजीराव चोथे ने अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल होकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी।



