सेब-मार्बल पर रोक, ट्रैवल कंपनियों ने यात्रा बुकिंग बंद की; दोनों देशों पर क्या और कितना असर
नई दिल्ली। पाकिस्तान को सपोर्ट करने के कारण तुर्किये का भारत में बायकॉट हो रहा है। न केवल ट्रैवल कैंसिलेशन बढ़े हैं, बल्कि सेब और मार्बल सहित तुर्किये से इंपोर्ट किए जाने वाले हर सामान का बायकॉट किया जा रहा है।
16 मई को कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने तुर्किये और अजरबैजान के साथ व्यापार खत्म करने की घोषणा की। दिल्ली में हुई मीटिंग में देश के 24 राज्यों से बिजनेस लीडर्स ने भाग लिया। सीएआइटी ने गुरुवार को कहा था कि जो देश भारत के खिलाफ हैं उसके साथ व्यापार करने का कोई सवाल ही नहीं है।
22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक तनाव बढ़ा, तो तुर्किये-अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया और भारत के खिलाफ इस्तेमाल के लिए पाकिस्तान को ड्रोन्स-हथियार और इन्हें चलाने वाले ट्रेंड लोग भी भेजे। इसके बाद देशभर में बायकॉट तुर्किये और बायकॉट अजरबैजान शुरू हो गया है।
तुर्किये का बायकॉट करने के लिए चार बड़े कदम
भारत के ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म जैसे कि ईजमाईट्रिप और इक्सिगो ने सुरक्षा जोखिम और राजनीतिक तनाव का हवाला देते हुए तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा न करने की एडवाइजरी जारी की है।
भारत के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए तुर्किये के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ अपने समझौते को निलंबित कर दिया। ्ररू ने भी शैक्षिक संबंध खत्म किए।
पुणे के व्यापारियों ने तुर्किये से सेब खरीदना बंद करने का फैसला किया है। इसके बजाय वे हिमाचल, उत्तराखंड, ईरान और अन्य क्षेत्रों से सेब खरीद रहे हैं। उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने मार्बल का आयात रोकने का सरकार से आग्रह किया है। कानपुर के व्यापारियों ने 80 प्रतिशत ऑर्डर कैंसिल कर दिया है। जयपुर के कारोबारियों ने करोड़ों के ऑर्डर रोक दिया है।
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग सर्विसेज के लिए तुर्किए की फर्म सेलेबी के साथ अपनी पार्टनरशिप खत्म कर दी है।



