गौतमबुद्ध नगर : जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि वर्तमान में खरीफ सीजन के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की फसलों की बुवाई का कार्य प्रारम्भ हो गया है तथा कृषकों द्वारा बुवाई के समय प्रयोग हेतु उर्वरकों का क्रय किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाये कि जनपद से लगे हरियाणा राज्य के कृषकों को उर्वरकों का विक्रय न किया जाये तथा जनपद के कृषकों को भी जोत बही/खतौनी एवं फसल संस्तुतियों के अधार पर ही उर्वरकों की बिक्री हो। उर्वरकों की निर्धारित दरों पर नियमानुसार एवं सुगमतापूर्वक बिक्री हो इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा निम्न कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
- जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनाये रखने व उर्वरकों के अंतर्राज्यीय परिसंचलन को रोकने हेतु जनपद से लगे हुए हरियाणा राज्य सीमावर्ती क्षेत्रों पर सतर्क निगरानी रखी जाये एवं प्रदेश के सीमा से बाहर जा रहे वाहनों की जांच कर लिया जाये कि किसी स्तर पर उर्वरकों का परिसंचलन न हो, ताकि भविष्य में उर्वरकों के सम्भावित अभाव से बचा जा सके। उर्वरकों के अवैध परिसंचलन में संलिप्त पाये जाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 व उर्वरक परिसंचलन (नियंत्रण) आदेश 1973 के तहत सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। • जनपद के हरियाणा प्रान्त की सीमा से लगी पुलिस चौकियों को सर्तक कर दिया जाये ताकि किसी प्रकार से उर्वरकों का परिसंचलन न हो।
- कृषि, पुलिस तथा प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों के सचल दल गठित कर सतत् निरीक्षण व छापे की कार्यवाही सम्पन्न की जाये और अवैध कार्यों में लिप्त पाए गये व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्यवाही की जाए।
- जनपद के बाहर कृषकों को उर्वरक बिक्री एवं जनपद के कृषकों को उनकी जोत बही/ खतौनी एवं फसल की सुंस्तृत मात्रा उर्वरकों की बिक्री करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध जांच कर उर्वरक(अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश 1985, आवश्यक अधिनियम 1955 एवं उर्वरक परिसंचलन (नियंत्रण) आदेश 1973 में निहित प्राविधान के तहत विधिक कार्यवाही की जाये।
•आवश्यकता अनुसार पुलिस एवं स्टेट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की सहायता से अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर सतर्क दृष्टि रखी जाये एवं उर्वरकों के अवैध परिसंचलन में संलिप्त पाये जाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आदेश/अधिनियमों की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
जनपद स्तर पर फसलों के आच्छादन के अनुरूप उर्वरकों की मांग का आंकलन कर लें, यदि मांग के पैटर्न के सापेक्ष असामान्य बिक्री प्रदर्शित हो, तो सन्देह की दशा में सीमावर्ती उर्वरक बिक्री केंद्रों द्वारा बिक्रीत उर्वरकों का टीम गठित कर सत्यापन कराया जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक माह उर्वरकों (यूरिया एवं डी०ए०पी०) के टाॅप-20 क्रेताओं की नियमित समीक्षा कर यह देखा जाए की क्या सीमावर्ती राज्यों के कृषकों को उर्वरकों की बिक्री हुई है। यह भी देखा जाये कि बिना जोत-बही/खतौनी के फुटकर उर्वरक विक्रेताओं से अधिक मात्रा में यूरिया एवं डी0ए0पी0 उर्वरक प्राप्त कर उसका अवैध हस्तानांतरण नहीं किया गया हो। ऐसी स्थिति होने पर संबंधित फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही अधिनियम के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत की जाए।



