हरदोई : हरदोई में गंगा और गर्रा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से मात्र 15 सेंटीमीटर नीचे 136.45 मीटर दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी तेज कर दी है। उप जिलाधिकारी सवायजपुर मयंक कुंडू ने बाढ़ग्रस्त और संभावित प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया है। उन्होंने राजस्व कर्मियों को चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने 14 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी हैं। इन चौकियों पर राजस्व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य हो सकेगा।
पिछले एक माह में हरिद्वार बांध से 1,05,356 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नरौरा से 80,447 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अब तक गंगा में सर्वाधिक 1,85,803 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।
मेहंदी घाट, राजघाट और गर्रा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इससे निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ नियंत्रण प्रभारी अधिशासी अभियंता शारदा नहर अजय चौधरी ने बताया कि हरिद्वार और नरौरा से छोड़े गए पानी का असर अगले एक से दो दिनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बाढ़ चौकी या राजस्व विभाग को सूचित करें।



