देहरादून/मंडी | .उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मंगलवार को कुदरत का कहर टूटा। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुबह-सवेरे बादल फटने से नदी-नालों ने रौद्र रूप ले लिया, जबकि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लैंडस्लाइड और तेज बारिश ने तबाही मचाई। कुल मिलाकर अब तक 14 लोगों की मौत, और 10 से अधिक लापता होने की खबर है।
देहरादून में बादल फटा, नदियों में उफान, मंदिर-घरों में भरा मलबा
मंगलवार सुबह करीब 5 बजे देहरादून में बादल फटने की घटना सामने आई। इससे टोंस, तमसा, कारलीगाड़ और सहस्त्रधारा नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ गया। आईटी पार्क, तपोवन, घड़ी कैंट और आसपास के इलाकों में सड़कों पर मलबा और पानी भर गया। कई रास्ते बह गए और जनजीवन थम गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में समाई, 8 मजदूरों की मौत, 4 लापता
विकासनगर के पास टोंस नदी में पानी का बहाव अचानक इतना तेज हुआ कि एक मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी में बह गई। इस हृदयविदारक हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 4 अब भी लापता हैं। राहत कार्य जारी है, लेकिन बहाव और मलबा बचाव में बाधा बन रहा है।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में घुसा पानी, दुकानें बह गईं, 2 लापता
तमसा नदी के किनारे स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर में बाढ़ का पानी भर गया। मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास की दुकानें भी बह गईं। 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, सहस्त्रधारा में SDRF की टीम ने 5 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
हिमाचल के मंडी में भूस्खलन से तबाही, एक ही परिवार के 3 की मौत
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के निहरी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक घर पर चट्टान गिरने से वह मलबे में दब गया। हादसे में एक ही परिवार के 5 लोग दब गए, जिनमें से 3 की मौत हो गई, और 2 को जिंदा बचा लिया गया।
श्रद्धालु बहे, सड़कें ठप, बसें बह गईं
मंडी के दरंग क्षेत्र में मंदिर जा रहे दो श्रद्धालु सुमा खड्ड के तेज बहाव में बह गए। इनमें से एक का शव बरामद हुआ, दूसरे की तलाश जारी है। धर्मपुर बस स्टैंड में बारिश के बाद भारी मलबा भर गया, जिससे कई बसें बह गईं।
राज्य में 3 नेशनल हाईवे बंद हैं और 493 सड़कें आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।
मुंबई में जलभराव, बीड में एयरलिफ्ट से बचाए गए 11 ग्रामीण
उधर महाराष्ट्र के मुंबई और बीड जिलों में भी मौसम ने आफत ढाई। मुंबई में रेलवे ट्रैक और सड़कों पर भारी जलभराव हुआ, वहीं बीड में बाढ़ में फंसे 11 ग्रामीणों को वायुसेना ने एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
राहत-बचाव कार्य जारी, लेकिन चुनौतीपूर्ण हालात
SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और टूटी सड़कों के चलते बचाव कार्यों में भारी दिक्कत आ रही है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।
सरकार की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।



