आगरा | राजस्थान के सूरतगढ़ से दबिश देकर लौट रही निबोहरा थाना पुलिस टीम के साथ रविवार तड़के भयानक सड़क हादसा हुआ। जयपुर हाईवे पर टीम की अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी।
हादसे में सिपाही गौरव प्रताप सिंह और ड्राइवर देवा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दरोगा गौरव कुमार समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
भयावह टक्कर
घटना फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र में सुबह 5 बजे हुई।
पुलिस टीम राजस्थान में एक लापता महिला की तलाश के बाद लौट रही थी। तभी चालक की झपकी और थकान के कारण कार बेकाबू होकर ट्रक से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्टिगा की पूरी छत उड़ गई, और हेड कॉन्स्टेबल व ड्राइवर के शव कार के बोनट में फंसे रहे।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कर्मचारियों ने कटर की मदद से शव बाहर निकाले।
मृतक और घायल
मृतक:
- सिपाही गौरव प्रताप सिंह (निबोहरा थाना)
- ड्राइवर देवा (कुमपुरा गांव निवासी)
गंभीर रूप से घायल:
- दरोगा गौरव कुमार
- वादी गोविंद, अरविंद (भाई), ग्राम प्रधान सत्येंद्र, रवि कुमार (गोविंद का बहनोई)
घायलों को CHC सीकरी में प्राथमिक इलाज के बाद आगरा रेफर किया गया।
दबिश की पृष्ठभूमि
टीम 24 अक्टूबर की रात, कुमपुरा गांव की लापता महिला नैना देवी की खोज में राजस्थान गई थी।
रात 11 बजे महिला को सुरक्षित बरामद कर लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हुआ।
कार में कुल आठ लोग सवार थे, जिसमें एसआई गौरव कुमार, सिपाही गौरव प्रताप, ग्राम प्रधान सत्येंद्र, वादी गोविंद, अरविंद, रवि कुमार और ड्राइवर देवा शामिल थे।
परिवारों पर मातम
ड्राइवर देवा के घर मातम पसरा है। पत्नी प्रियंका और तीन छोटे बच्चे पिता की अचानक मौत से सदमे में हैं।
सिपाही गौरव प्रताप के साथी और थाना परिसर में भी गहरा शोक है।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा:
“गौरव हमेशा कहते थे – ‘हम जनता की सुरक्षा के लिए हैं।’ आज वही जनता उनकी शांति के लिए प्रार्थना कर रही है।”
प्रारंभिक जांच
पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि ड्राइवर की झपकी और रातभर की थकान हादसे का मुख्य कारण थी।
टक्कर की भीषणता ने जीवन और मौत के बीच झूल रहे पांच लोगों की स्थिति और गंभीर बना दी।



