Friday, March 6, 2026
spot_img
Homeव्यवसायअगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 2.07% हुई – खाने-पीने की चीजों ने...

अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 2.07% हुई – खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाया बोझ

नई दिल्ली: अगस्त महीने में देश की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) बढ़कर 2.07% पहुंच गई है, जो जुलाई में 1.61% थी। महंगाई में यह इजाफा मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुआ है।

खाने-पीने की चीजें बनीं महंगाई का कारण

महंगाई के बास्केट में 50% से ज्यादा हिस्सा खाने-पीने की चीजों का होता है। इनकी महंगाई दर जुलाई में -1.76% थी, जो अब -0.69% पर आ गई है। यानी कीमतों में गिरावट की रफ्तार धीमी हुई है, जिससे कुल मिलाकर महंगाई बढ़ी है।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी असर

  • ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर जुलाई के 1.18% से बढ़कर 1.69% हो गई है।
  • शहरी इलाकों में यह 2.10% से बढ़कर 2.47% तक पहुंच गई है।

RBI ने घटाया महंगाई का अनुमान

4 से 6 अगस्त के बीच हुई RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया गया है। इससे साफ है कि फिलहाल महंगाई पर नियंत्रण माना जा रहा है।

महंगाई बढ़ती क्यों है?

महंगाई की चाल पूरी तरह डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करती है:

  • अगर लोगों के पास ज्यादा पैसा है और वे ज्यादा खरीदारी करते हैं, तो डिमांड बढ़ती है।
  • अगर इस डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होती, तो कीमतें बढ़ जाती हैं।

यानी, बाजार में पैसे का अधिक प्रवाह या सामानों की कमी, दोनों ही महंगाई को बढ़ावा देते हैं।

CPI से तय होती है खुदरा महंगाई

खुदरा महंगाई का आकलन कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से किया जाता है। यह इंडेक्स उस औसत कीमत को दर्शाता है जो आम ग्राहक विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए चुकाता है। CPI में बदलाव का मतलब ही होता है—महंगाई में इजाफा या कमी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments